पश्चिम एशिया में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर साफ दिखाई दे रहा है। इस जंग की वजह से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे कई देशों में तेल की कमी महसूस की जा रही है। इसका असर भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है, जहां हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं।
तेल की कमी और बढ़ती लागत के चलते पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस बार कीमतों में 26 रुपये 77 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिससे आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है।
नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 393 रुपये 35 पैसे प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीज़ल की कीमत 380 रुपये 19 पैसे प्रति लीटर पहुंच गई है। ईंधन के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ना तय है, क्योंकि परिवहन महंगा हो जाता है। लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से पाकिस्तान के लोगों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अगर मिडिल ईस्ट में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे स्थिति और कठिन हो सकती है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग का सबसे बड़ा असर तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है। यही वजह है कि पूरी दुनिया में तेल की कमी और कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इस इलाके में जब भी हालात बिगड़ते हैं तो सबसे पहले असर उस रास्ते पर पड़ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल ले जाता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ इस पूरे मामले में सबसे अहम जगह है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता किसी वजह से रुक जाता है तो तेल की सप्लाई तुरंत प्रभावित हो जाती है। इससे दुनिया के कई देशों में तेल की कमी शुरू हो जाती है और कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं।
